usa finally warns iran: मध्य-पूर्व मे हो रहा युद्ध फिर एक बार दुनिया के लिए खौफनाक बन गया है। डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान को अंतिम रूप से 48 घंटों की अंतिम चेतावनी दी गई है। अमेरिका ने अब अमेरिका और ईरान युद्ध को अंतिम रूप देने की बात मन में ठान ली है । दूसरी तरफ इजराइल के परमाणु ठिकानों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों ने यह दिखला दिया है कि ईरान भी बड़ी जंग के लिए खुद को तैयार कर चुका है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!48 घंटों कि डेडलाइन: आखिर मामला क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को साफ़ शब्दों में चेतवानी दी है कि ईरान अगर 48 घंटों के भीतर Strait of Hormuz को अगर नहीं खोलता है तो अमेरिका उसके परमाणु ठिकानों को सीधा निशाना बनाएगा। डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से यह सिर्फ धमकी नहीं है बल्कि ,यह एक रणनीतिक दबाव भी नहीं है । क्योंकि Strait of Hormuz दुनिया की लगभग आधी ऊर्जा की आपूर्ति करता है।
Strait of Hormuz: दुनिया की ‘तेल लाइफलाइन’
- होर्मुज़ स्ट्रेट एक काम चौड़ा समुद्री मार्ग है ।
- लेकिन इसकी अहमियत काफी ज्यादा है।
- दुनिया का 20% से अधिक कच्चा तेल होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर निकलता है।
- क्यूंकि खाड़ी देश जैसे कतर, कुवैत, ईराक और यूएई जैसे देशों की कच्चे तेल की सप्लाई एसी पर निर्भर है।
- इसके बंद होने से भारत, चीन, और अन्य देश भी तेल की बढ़ती कीमतों से तंग आ चुके हैं।
- कच्चे तेल की कीमत पहले ही 100$/बैरल को पार कर चुकी है।
आखिर ट्रम्प के गुस्से की वजह क्या है:
बीते कुछ दिनों मे इजराइल के दक्षिणी हिस्से खास कर डोमान क्षेत्र पर कई मिसाइलों से हमला किया। बात इतनी गंभीर इस लिए है क्यूंकि डोमान क्षेत्र को इजराइल का परमाणु केंद्र माना जाता है
- जहा पर 100 से अधिक लोग घायल हुए
- और अनगिनत इमारते तबाह हुई
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