अमेरिका, हाल ही मे, एक 28 पॉइंट शांति प्रस्ताव लेकर आगे आया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह प्रस्ताव, यूक्रेन रूस युद्ध के अंत, यानी the end of Ukrain Russia war के लिए लाया गया।
इस प्रस्ताव मे रूस की कई सारी शर्तें शामिल थीं। पहले, पूर्वी यूक्रेन के कुछ
हिस्सों की मान्यता। इसके अलावा, नाटो मे न शामिल होने की शर्त और यूक्रेन की सैन्य शक्ति मे कटौती।
इस प्रस्ताव का खुलासा होने के बाद, यूक्रेन की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने
आयी। व्लादिमीर जेलेन्सकी ने कहा कि “यह प्रस्ताव रूस की तरफ झुका है।
इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता”। यह फीका प्रस्ताव the end of Ukrain Russia war को जल्द नहीं ला सकता।
पश्चिमी देशों ने भी इस प्रस्ताव का विरोध किया। क्यूँकि उन्हे लगता है
कि इससे यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को खतरा होगा।

the end of ukrain russia war
बदलाव -28 से 19 पॉइंट प्लान –
- यूक्रेन और अमेरिका ने स्विट्ज़रलैंड (जेनेवा ) में हुई बातचीत के बाद 28
- पॉइंट प्रस्ताव मे बदलाव किया गया । अब एक नया प्रस्ताव जो कि 19 -पॉइंट का तैयार किया गया है । दोनों पक्षों ने इसे एक संशोधित फ्रेमवर्क कहा है ।
- इस 19 पॉइंट के प्रस्ताव मे कहा गया है,कि यूक्रेन की संप्रभुता (SOVEREIGNTY) और क्षेत्रीय अखंडता (TERRITORIAL INTEGRITY) को पहले जैसा बरकरार रखा जाए । यह बदलाव the end of Ukrain Russia war को स्थायी बना सकता है।
- इसके अलावा ,अमेरिका और यूरोप ने कहा है ‘कि यह दस्तावेज अंतिम नहीं है’ । बातचीत अभी जारी है ,और आगे के फैसले (जैसे -सैन्य सीमाएं ,सुरक्षा गारंटी ,भविष्य की स्थिति ) अभी टी होनी बाकी हैं ।
क्या हुआ है :अब तक की स्थिति
- 28 -पॉइंट की तत्काल प्रतिक्रिया नकारात्मक रही । लेकिन 19 -पॉइंट मसौदे
- के बाद बातचीत फिर से का रास्ता दोबारा खुला । अमेरिका और यूक्रेन ने कहा कि ,उन्होंने युद्ध विराम की तरफ एक structured talk (संरचनात्मक बातचीत शुरू कर दी है । जिससे युद्ध को समाप्त करने की दिशा मे एक समझौता हो सके ।
- नए मसौदे के लिए कुछ नए संकेत मिले हैं । विशेष रूप से यूक्रेन की संप्रभुता और सेना की स्वतंत्रता को लेकर । कई पश्चिमी देश अब इस संशोधित ड्राफ्ट पर गौर किया है । जिसमे उन्होंने कहा है की भूमि हस्ताँतरण जैसी सरते स्वीकार्य नहीं होंगी।
- लेकिन साथ ही यह भी पता चला है कि ,अभी भी बहुत से मुद्दे अनसुलझे हैं ।
- रूस ने अभी भी फाइनल स्वीकार्यता नहीं दी है।
- युद्ध अभी भी जारी है । हाल ही मे यूक्रेन के कई क्षेत्रों पर रूस ने ड्रोन और मिसाइल से हमला किया है । इस हमले ने the end of Ukrain Russia war को और जटिल बना दिया है।
अभी भी क्यों “पूरा भरोसा”नहीं किया जा सकता
- रूसी स्वीकृति नहीं।
- भू -राजनैतिक विवाद गहरा ।
- युद्ध अभी जारी है।
- भविष्य की सुरक्षा गारंटी असपष्ट ।
- अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और भरोसे का मसला ।
- भारत कि रूस युक्रेन युद्ध में भागेदारी ।











