
Republic Of Balochistan
Republic Of Balochistan : क्या भारत को उठाना चाहिए बड़ा कदम?
आज हम बात करेंगे रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के बारे मे इस पर बहुत सारे मुद्दे उठते नजर Republic Of Balochistan: क्या भारत को उठाना चाहिए बड़ा कदम?”
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रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान: भारत-पाक तनाव के बीच आज़ादी की नई दस्तक
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में जबरदस्त तनाव की स्थिति बनी हुई है।
दोनों देशों ने एक-दूसरे के हाई कमिश्नर्स को वापस बुला लिया है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड उभरकर सामने आया है — “रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान”।
बलूचिस्तान के प्रमुख एक्टिविस्ट अब भारत से खुलकर अपील कर रहे हैं कि वह उनकी स्वतंत्रता की
मांग का समर्थन करे। बलूच नेता मीर यार बलोच ने बाकायदा 9 मई को बलूचिस्तान की आज़ादी
की घोषणा करते हुए भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह दिल्ली में “रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान” का ऑफिस खोलने की अनुमति दे। Republic Of Balochistan :
पाकिस्तान की घबराहट: सच से डर लगता है
प्रसिद्ध भारतीय यूट्यूबर प्रशांत धवन के अनुसार पाकिस्तान ने उनकी कई वीडियो पर बैन लगाने की कोशिश की है।
कारण? वह वीडियो जिनमें पाकिस्तान की हकीकत, जैसे कि फाइटर जेट्स के गिरने या बलूचिस्तान की स्थिति, उजागर की गई थी।
पाकिस्तान को डर है उन आवाज़ों से जो तथ्यों और क्रेडिबिलिटी के साथ बात करती हैं।
यही वजह है कि यूट्यूब पर पाकिस्तान सरकार ने रिपोर्ट कर कई देशभक्त भारतीय यूट्यूबर्स को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। Republic Of Balochistan :
बलूचिस्तान का मुद्दा क्या है?
बलूच एक जातीय समुदाय है जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान में फैला हुआ है।
लेकिन इस समय जिस बलूचिस्तान की बात हो रही है, वह पाकिस्तान का एक राज्य है,
जहां के लोग दशकों से उपेक्षा, मानवाधिकार उल्लंघन और सैन्य दमन झेल रहे हैं।
अब बलूच एक्टिविस्ट केवल विरोध तक सीमित नहीं हैं — वे एक स्वतंत्र राष्ट्र की मांग कर रहे हैं।
और इस आंदोलन को भारत सहित वैश्विक समर्थन की तलाश है।
भारत की भूमिका: क्या यह सही समय है?
बलूच नेता मीर यार बलोच ने भारत से अपील की है कि वह बलूचिस्तान को मान्यता दे और दिल्ली में उसका
एक ऑफिस खोलने की अनुमति दे, जैसा कि ताइवान के मामले में किया गया था।
यदि भारत ऐसा करता है, तो यह एक कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक हो सकता है। इससे ना केवल बलूच आंदोलन
को अंतरराष्ट्रीय वैधता मिलेगी, बल्कि पाकिस्तान पर भी राजनीतिक दबाव बढ़ेगा। अन्य देश जैसे आर्मेनिया,
इज़राइल आदि भी भारत के साथ इस समर्थन में शामिल हो सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक परिदृश्य
बलूच एक्टिविस्ट यूनाइटेड नेशंस से भी मांग कर रहे हैं कि बलूचिस्तान की स्वतंत्रता को मान्यता दी जाए और
वहां शांति-स्थापना मिशन भेजा जाए। हालाँकि, चीन और अमेरिका के राजनीतिक प्रभाव के चलते यह इतना
आसान नहीं होगा। चीन कभी इस आंदोलन का समर्थन नहीं करेगा और अमेरिका की नीति भी अभी बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के पक्ष में स्पष्ट नहीं है। Republic Of Balochistan :
क्या बलूचिस्तान दूसरा बांग्लादेश बन सकता है?
बांग्लादेश भी कभी केवल एक विचार था, और आज वह एक स्वतंत्र देश है। बलूचिस्तान भी आज एक आंदोलन है,
एक आवाज है — लेकिन कल को यह एक हकीकत बन सकता है। सवाल यह है कि भारत इसमें किस हद तक सक्रिय भूमिका निभाता है?
बलूचिस्तान की जनता तैयार है। जज्बा है। अब ज़रूरत है अंतरराष्ट्रीय समर्थन की, और भारत के एक निर्णायक कदम की। Republic Of Balochistan :
आप क्या सोचते हैं? पूछती है स्टैटिक स्टडी टीम –
क्या भारत को बलूचिस्तान को समर्थन देना चाहिए?
क्या भारत को दक्षिण एशिया में नया नेतृत्व दिखाना चाहिए?
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https://en.wikipedia.org/wiki/Balochistan,_Pakistan








