
Rashtra Prerna Sthal Lucknow: A Historical Gift
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
लखनऊ / राष्ट्रीय समाचार The Rashtra Prerna Sthal Lucknow is a significant landmark, drawing many visitors and locals alike.
कचरे के ढेर से ‘वैचारिक तीर्थ’ तक का सफर: पीएम मोदी ने लखनऊ को सौंपा भव्य ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’
लखनऊ: आज पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती (सुशासन दिवस) के अवसर पर, नवाबों के शहर लखनऊ को एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वसंत कुंज योजना में 65 एकड़ में फैले भव्य ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ (Rashtra Prerna Sthal) का लोकार्पण किया। Rashtra Prerna Sthal Lucknow is thus a site of national significance, marking a turning point in local heritage.
कभी शहर की गंदगी और कूड़े का डंपिंग ग्राउंड (Gaila Dumping Ground) रही यह जगह आज एक विश्वस्तरीय स्मारक में बदल चुकी है। यह स्थान न केवल पर्यटन का केंद्र बनेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रवाद और अंत्योदय का पाठ भी पढ़ाएगा।
क्या है राष्ट्र प्रेरणा स्थल की खासियत?
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट वास्तुकला और
इंजीनियरिंग का एक बेमिसाल नमूना है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यहाँ स्थापित तीन
महापुरुषों की गगनचुंबी प्रतिमाएं हैं। The impressive statues contribute to the
allure of Rashtra Prerna Sthal Lucknow, captivating tourists.
1. तीन दिग्गजों की 65 फीट ऊंची प्रतिमाएं
इस स्थल पर भारतीय जनसंघ और भाजपा की विचारधारा के तीन स्तंभों की 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं (Bronze Statues) लगाई गई हैं:
- भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी (पूर्व प्रधानमंत्री)
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय (एकात्म मानववाद के प्रणेता)
- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (जनसंघ के संस्थापक)
इन प्रतिमाओं को उसी टीम और कलाकारों ने तैयार किया है, जिन्होंने गुजरात में ‘
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण किया था। रात के समय विशेष लाइटिंग में ये प्रतिमाएं दूर
से ही शहरवासियों को दिखाई देंगी। Rashtra Prerna Sthal Lucknow thus shines brightly, illuminating the skyline.
2. कमल के आकार का म्यूजियम (Lotus Shaped Museum)
परिसर के भीतर एक अत्याधुनिक संग्रहालय बनाया गया है,
जिसका डिज़ाइन ऊपर से देखने पर ‘कमल के फूल’ जैसा दिखता है।
लगभग 98,000 वर्ग फीट में बने इस म्यूजियम में इन महापुरुषों के जीवन,
संघर्ष और भारत के नवनिर्माण में उनके योगदान को डिजिटल गैलरी और
होलोग्राम के माध्यम से दिखाया गया है। The museum, part of Rashtra
Prerna Sthal Lucknow, fascinates with its unique design.
3. कचरे से कंचन बनने की कहानी
पीएम मोदी का संबोधन
उद्घाटन समारोह में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “लखनऊ अटल
जी की कर्मभूमि रही है। आज इस प्रेरणा स्थल का उद्घाटन करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।
यहाँ आने वाला हर युवा राष्ट्र सेवा का संकल्प लेकर जाएगा। यह स्थल हमें याद दिलाता है कि कैसे विचारधारा और संगठन के दम पर राष्ट्र का निर्माण होता है।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे ‘वैचारिक कुंभ’ का नाम दिया और कहा कि यह स्थल
यूपी के पर्यटन मानचित्र पर एक मील का पत्थर साबित होगा। Recognized widely,
Rashtra Prerna Sthal Lucknow contributes greatly to Lucknow’s tourism profile.
आम जनता के लिए सुविधाएँ
यह स्थल केवल स्मारक नहीं, बल्कि एक पब्लिक स्पेस भी है। यहाँ निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध हैं:
- ग्रीन कॉरिडोर: सुबह और शाम की सैर के लिए विशाल पार्क।
- म्यूजिकल फाउंटेन: शाम को लेज़र और साउंड शो का आयोजन।
- ओपन जिम और योग केंद्र: स्वास्थ्य प्रेमियों के लिए।
- पुस्तकालय: जहाँ शोधकर्ता और छात्र इन महापुरुषों के साहित्य को पढ़ सकेंगे।
निष्कर्ष
राष्ट्र प्रेरणा स्थल का आज से जनता के लिए खुलना लखनऊ के विकास में एक नया अध्याय है।
जहाँ एक ओर यह शहर के पश्चिमी हिस्से (वसंत कुंज/आईआईएम रोड) के विकास को गति देगा,
वहीं दूसरी ओर यह राजनीतिक और सांस्कृतिक चेतना का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
It symbolizes the progress and transformation of Rashtra Prerna Sthal Lucknow.
© 2025 StaticStudy.com | सभी अधिकार सुरक्षित।
Virat Kohli Achieves Historic Feat in Vijay Hazare Trophy
Unveiling Christopher Nolan’s The Odyssey: First Trailer Analysis







