M12Electro की दहाड़: Mahindra Formula E का नया हथियार, जो EV रेंज को बदलने वाला है!

फॉर्मूला ई लेकर BE 6 SUV तक, कैसे ट्रैक की टेक्नोलॉजी सड़क पर उतर रही है? आईए जाने क्या है इसके पीछे की पूरी कहानी क्या चाहता है आखिर महिंद्रा क्या कारण यही की महिंद्रा ले रहा है अब रेसिंग मे एंट्री ।। आईए जाने हमारे स्पेशल टीम – मनोज कुमार ,अजीत मिश्र जी की ये खास रिपोर्ट Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
1: महिंद्रा M12Electro का शानदार अनावरण और ‘Scream Electric’ की गूंज
महिंद्रा ग्रुप ने एक बार फिर वैश्विक इलेक्ट्रिक मोटरस्पोर्ट्स में अपनी प्रतिबद्धता को साबित करते हुए,
लंदन में अपनी बिल्कुल नई फॉर्मूला ई कार, **M12Electro** का भव्य अनावरण किया है।
यह अनावरण महज़ एक कार लॉन्च नहीं था; यह एक बड़े आंदोलन की शुरुआत थी, जिसे टीम ने **’Scream Electric’** नाम दिया है।
यह कैंपेन भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को केवल एक पर्यावरणीय जिम्मेदारी के तौर पर नहीं,
बल्कि स्टाइल, रफ्तार और रोमांच के पर्याय के रूप में स्थापित करने का प्रयास है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव डिवीजन के सीईओ ने इस अभियान को “सिर्फ एक विज्ञापन नहीं, बल्कि एक आंदोलन” बताया है,
जो हर भारतीय को अपनी टीम पर गर्व महसूस कराएगा।
Mahindra Racing की नई M12Electro, जो GEN3 Evo प्लेटफॉर्म पर आधारित है।
M12Electro की डिज़ाइन भाषा बेहद आक्रामक और गर्व से भरी हुई है। कार पर प्रमुखता से मौजूद बारह धारियाँ (Stripes) टीम के फॉर्मूला ई चैंपियनशिप में 12 साल के सफर का प्रतीक हैं, और बॉडीवर्क पर सजे भारतीय ध्वज पर गर्व साफ झलकता है। टीम ने सीजन 11 में शानदार प्रगति करते हुए पांच पोडियम फिनिश के साथ चौथे स्थान पर कब्जा किया था। इस नए हथियार M12Electro के साथ, उनका स्पष्ट लक्ष्य आगामी सीजन 12 में शीर्ष तीन में आना है। यह कार नवीनतम **GEN3 Evo** प्लेटफॉर्म पर बनी है, जो इसे श्रृंखला की सबसे तेज़ कारों में से एक बनाती है।
इस कार का प्रदर्शन सिर्फ गति तक सीमित नहीं है। हाल ही में वालेंसिया में हुई प्री-सीज़न टेस्टिंग में महिंद्रा के ड्राइवरों – **एडुआर्डो मोर्टारा** और **न्यॉक डी व्रीस** – ने शीर्ष समय दर्ज करके यह संकेत दिया है कि टीम ने सॉफ्टवेयर और सेटअप पर गहन काम किया है। वे अब स्थिरता और जीत हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, क्योंकि पोडियम मिलना अच्छा है, लेकिन शीर्ष स्थान पर पहुंचना ही उनका अंतिम लक्ष्य है।
खंड 2: M12Electro: ट्रैक पर स्पीड और इनोवेशन – GEN3 Evo की ताकत और तकनीकी साझेदारी
फॉर्मूला ई दुनिया की सबसे उन्नत और तीव्र गति वाली इलेक्ट्रिक रेसिंग श्रृंखला है। महिंद्रा रेसिंग यहां केवल एक प्रतिभागी नहीं है; यह भारत के तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करता है। उनकी नवीनतम मशीन, **M12Electro**, एक महत्वपूर्ण तकनीकी विकास को दर्शाती है जो GEN3 Evo नियमों पर आधारित है।
GEN3 Evo प्लेटफॉर्म की क्रांतिकारी क्षमताएँ:
GEN3 कारें पिछली पीढ़ियों की तुलना में एक बड़ी छलांग थीं, और Evo पैकेज ने इसे और बेहतर बनाया है। यह कारें अब FIA की सबसे तेज़ सिंगल-सीटर मशीनें हैं। इनकी मुख्य ताकतें निम्नलिखित हैं:
- अविश्वसनीय त्वरण: यह कार 0-60 मील प्रति घंटे (लगभग 96 किमी/घंटा) की रफ्तार मात्र 1.82 सेकंड में पकड़ सकती है। यह आँकड़ा इसे F1 कारों से भी आगे रखता है, खासकर शुरुआती क्षणों में, जो रेस जीतने के लिए महत्वपूर्ण है।
- पावर वितरण: रेस के दौरान 300 kW (402 bhp) की अधिकतम शक्ति और क्वालीफाइंग ड्यूल्स के दौरान 350 kW तक की शक्ति का उपयोग रेस को रोमांचक बनाता है।
- ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) और अटैक मोड: रेस की शुरुआत में AWD का उपयोग बेहतर पकड़ सुनिश्चित करता है, जबकि अटैक मोड ऊर्जा के रणनीतिक उपयोग को अनिवार्य बनाता है। M12 Electro की दहाड़:
तकनीकी साझेदारी: वैसलीन के साथ भविष्य को आकार देना
इस वर्ष, महिंद्रा रेसिंग ने **वैसलीन ग्लोबल ऑपरेशंस** के साथ एक नई तकनीकी
साझेदारी की घोषणा की है। यह सहयोग विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए डिज़ाइन किए गए उन्नत
**ई-फ्लूइड्स (eFluids)** और गियरबॉक्स तकनीकों के विकास पर केंद्रित है। यह साझेदारी दर्शाती है
कि इलेक्ट्रिक रेसिंग अब केवल बैटरी क्षमता की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह सिस्टम की समग्र
दक्षता (Efficiency) और टिकाऊपन (Durability) की लड़ाई है। ट्रैक पर विकसित ये उच्च-प्रदर्शन
वाले फ्लूइड्स सीधे महिंद्रा के भविष्य के रोड-गोइंग EV के विकास में मदद करेंगे, जिससे विश्वसनीयता और प्रदर्शन दोनों में सुधार होगा।
सीजन 12 के लिए टीम का ड्राइवर लाइनअप, जिसमें **न्यॉक डी व्रीस** और **एडुआर्डो मोर्टारा** शामिल हैं,
फॉर्मूला ई ग्रिड पर सबसे अनुभवी जोड़ियों में से एक है। उनकी निरंतरता टीम की रणनीति को मजबूत करती है।
वे समझते हैं कि कैसे ऊर्जा का कुशलता से प्रबंधन किया जाए, जो अक्सर इलेक्ट्रिक रेसिंग में जीत
और हार का अंतर तय करता है। हालिया परीक्षणों में उनकी शीर्ष स्थिति इस बात का प्रमाण है कि टीम
सही दिशा में आगे बढ़ रही है, और अब वे उस अंतिम चरण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जहाँ वे रेस जीत सकें, न कि केवल पोडियम पर आ सकें। M12 Electro की दहाड़:
खंड 3: रेस टू रोड: फॉर्मूला ई का ज्ञान Mahindra BE 6 SUV को कैसे बदल रहा है?
महिंद्रा रेसिंग का फॉर्मूला ई में भाग लेना केवल वैश्विक ब्रांडिंग के लिए नहीं है; यह **’Race to Road’**
की रणनीति का केंद्र बिंदु है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण महिंद्रा की **INGLO प्लेटफॉर्म** पर बनी इलेक्ट्रिक SUVs हैं,
जिनमें **BE 6** प्रमुख है। ट्रैक पर इंजीनियर जो कोड लिखते हैं, जो थर्मल मैनेजमेंट सीखते हैं,
वह सीधे सड़क पर चलने वाले वाहन की क्षमताओं को बढ़ाता है।
BE 6 Pack Two: 79 kWh की शक्ति और रेंज का बेजोड़ तालमेल (आपके संदर्भ से विस्तार)
आपके द्वारा इंगित की गई छवि **BE 6 Pack Two** वेरिएंट से मेल खाती है, जो $79 \text{ kWh}$
बैटरी विकल्प के साथ आता है। यह वेरिएंट उन ग्राहकों को लक्षित करता है जिन्हें फीचर्स के साथ-साथ लंबी रेंज भी चाहिए।
| विशेषता | BE 6 (79 kWh Pack Two) |
|---|---|
| बैटरी क्षमता | 79 kWh |
| पावर आउटपुट | 282 bhp (लगभग) |
| ARAI क्लेम्ड रेंज | 683 किलोमीटर |
| फास्ट चार्जिंग (20-80%) | 20 मिनट (175 kW DC चार्जर पर) |
| प्रारंभिक एक्स-शोरूम कीमत | ₹21.90 लाख* (वैरिएंट के अनुसार भिन्न) |
फॉर्मूला ई कारें लगभग $800-1000V$ सिस्टम पर काम करती हैं, जो उच्च वोल्टेज
सुरक्षा मानकों की मांग करती हैं। महिंद्रा रेसिंग से प्राप्त विशेषज्ञता सीधे BE 6 के हाई-वोल्टेज
सिस्टम की सुरक्षा (Safety of High Voltage Systems) को मजबूत करने में मदद करती है।
यह सुनिश्चित करता है कि तेज़ चार्जिंग और उच्च प्रदर्शन के बावजूद वाहन पूरी तरह सुरक्षित रहे।
यह सुरक्षा ज्ञान, जैसे कि प्रभाव (Impact) पर ऑटो बैटरी कट-ऑफ, सीधे ट्रैक अनुभव से आता है।
ड्राइविंग डायनामिक्स और ऊर्जा दक्षता:
फॉर्मूला ई ट्रैक पर, ड्राइवर को हर सेकंड की ऊर्जा का हिसाब रखना होता है। इस ‘वन-पेडल ड्राइविंग’
संस्कृति का प्रभाव BE 6 की रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सेटिंग्स में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जहाँ ड्राइवर रीजेन के स्तर
को समायोजित कर सकते हैं। इसके अलावा, रेस कार के लिए डिज़ाइन किए गए एयरोडायनामिक तत्व
(जैसे फ्रंट स्प्लिटर और रियर विंग डिज़ाइन) BE 6 के बाहरी डिज़ाइन में दक्षता और आक्रामक रुख दोनों के
लिए शामिल किए गए हैं। यह दर्शाता है कि **एरोडायनामिक रूप से अनुकूलित सतहें** अब केवल सौंदर्य
नहीं, बल्कि रेंज बढ़ाने का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। यह निरंतर पुनरावृत्ति (Constant Iteration) है: जो सॉफ्टवेयर ट्रैक
पर रेस जीतने में मदद करता है, वही सड़क पर सटीक रेंज प्रेडिक्शन और बेहतर वन-पेडल ड्राइविंग अनुभव देने में मदद करता है। M12 Electro की दहाड़:
खंड 4: केवल कार नहीं, एक आंदोलन: ‘Scream Electric’ का विज़न और BE 6 का स्थान
महिंद्रा का लक्ष्य इलेक्ट्रिक क्रांति को केवल इंजीनियरों के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के लिए
भी रोमांचक बनाना है। **’Scream Electric’** कैंपेन इसी दूरदर्शिता का परिणाम है। यह कैंपेन भारत के
उन युवाओं और उत्साही लोगों को लक्षित करता है जो पावर, स्टाइल और प्रदर्शन के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जागरूक भी हैं।
BE 6 SUV इस विज़न का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसे एक ऐसे वाहन के रूप में डिज़ाइन
किया गया है जो स्पोर्टी महसूस हो। इसमें **रियर-व्हील ड्राइव (RWD)** सेटअप है, जो कि भारत में अधिकांश किफायती M12 Electro की दहाड़:
EV से अलग है, और यह इसे ड्राइविंग के शौकीनों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाता है। $79
\text{ kWh}$ संस्करण में $282 \text{ bhp}$ की शक्ति और $6.7$ सेकंड में $0-100 \text{ किमी/घंटा}$
की रफ्तार इसे सेगमेंट में एक **परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड SUV** के रूप में स्थापित करती है।
इसकी बोल्ड और फ्यूचरिस्टिक डिज़ाइन, जिसमें कॉकपिट जैसा डैशबोर्ड और थ्रस्टर-जैसे गियर
सेलेक्टर शामिल हैं, सीधे तौर पर यह संदेश देती है कि महिंद्रा EV को “उबाऊ” नहीं बनाना चाहता।
यह पहल समूह की व्यापक EV रणनीति का हिस्सा है।
BE 6 और XEV 9e के बाद, महिंद्रा **BE 07** जैसे और अधिक मॉडलों को लॉन्च करने की योजना बना रहा है,
सभी INGLO आर्किटेक्चर पर आधारित। ग्रुप के चेयरमैन **आनंद महिंद्रा** ने मोटरस्पोर्ट्स
में निवेश को एक गहरा तालमेल बताया है, जहाँ ट्रैक पर मिली सफलता (जैसे हालिया परीक्षण प्रभुत्व) सीधे
सड़क पर आने वाले उपभोक्ता उत्पादों (Consumer Products) की गुणवत्ता को बढ़ाती है। यह एक
लंबी अवधि का निवेश है, जहाँ आज रेसिंग में खर्च किया गया पैसा कल के सड़क
पर चलने वाले वाहन की दक्षता और तकनीक को बेहतर बनाने में मदद करता है। M12 Electro की दहाड़:
खंड 5: निष्कर्ष – भविष्य की ओर एक भारतीय छलांग
Mahindra Racing की फॉर्मूला ई यात्रा, विशेष रूप से M12Electro का अनावरण, एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है।
टीम ने पिछले संघर्षों से उबर कर अब जीत की राह पर मजबूती से वापसी की है। ट्रैक पर मिली हर सफलता, हर डेटा पॉइंट,
और हर नई साझेदारी सीधे भारतीय सड़कों पर चलने वाले ग्राहकों के लिए बेहतर उत्पाद बनाने में योगदान दे रही है।
BE 6 Pack Two, जिसका पावरट्रेन और चार्जिंग स्पीड रेसिंग की मांग को दर्शाता है, इस **’रेस टू रोड’ कनेक्ट** का सबसे बड़ा प्रमाण है।
महिंद्रा ग्रुप यह सिद्ध कर रहा है कि भारत का इलेक्ट्रिक भविष्य न केवल टिकाऊ (Sustainable) होगा,
बल्कि वह रोमांचक और तेज़ भी होगा, जैसा कि M12Electro की दहाड़ और BE 6 की रेंज से स्पष्ट है।M12 Electro की दहाड़:
— समाचार रिपोर्ट समाप्त —
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