Static Study

News with Static Study

Advertisement

Left handed people ;

Left handed people ;

Left handed people ; क्यों कुछ लोग बाएं हाथ से लिखते हैं: विज्ञान और समाज की नजर में लेफ्ट हैंडर्स का रहस्य

टीम- Static Study

Left handed people friends आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ लोग दाएं हाथ से लिखते हैं जबकि कुछ लोग बाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं। समाज में बाएं हाथ से लिखने वालों को लेकर कई तरह की धारणाएं हैं। कहीं इन्हें विशेष माना जाता है तो कहीं इसे खराब आदत समझा जाता है। लेकिन असल सवाल यह है कि आखिर कोई व्यक्ति लेफ्ट हैंडर क्यों बनता है। क्या यह आदत है या फिर इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण छिपा है। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि लेफ्ट हैंडर्स की असलियत क्या है, दुनिया में इनकी संख्या कितनी है और विज्ञान इस बारे में क्या कहता है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

दुनिया में कितने लोग लेफ्ट हैंडर हैं?

  • दुनिया की लगभग 10 से 12 प्रतिशत आबादी बाएं हाथ से लिखती है।
  • वहीं 80 से 90 प्रतिशत लोग दाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं।
  • पुरुषों की तुलना में महिलाएं कम लेफ्ट हैंडर होती हैं।
  • रिसर्च बताती है कि पुरुषों में लेफ्ट हैंडर्स की संख्या महिलाओं से लगभग 23 प्रतिशत अधिक है।

सिर्फ हाथ ही नहीं, कई लोग अन्य कार्यों के लिए भी शरीर के बाएं हिस्से का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।

  • 40 प्रतिशत लोग अपने बाएं कान से सुनने में सहज होते हैं।
  • 30 प्रतिशत लोग बाईं आंख का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं।
  • 20 प्रतिशत लोग बाएं पैर का उपयोग ज्यादा करते हैं।

लेकिन जब बात हाथ की आती है तो आंकड़ा घटकर 10 से 12 प्रतिशत पर आ जाता है। यह साफ संकेत देता है कि इंसान वही अंग ज्यादा उपयोग करता है जिसमें उसे काम करने में आसानी महसूस होती है।


लेफ्ट हैंडर्स और मल्टीटास्किंग क्या है ?

एक स्टडी के अनुसार, दाएं हाथ से लिखने वालों की तुलना में लेफ्ट हैंडर लोग बेहतर तरीके से मल्टीटास्किंग कर पाते हैं। यही कारण है कि खेलों में भी इनकी अहमियत ज्यादा होती है।

  • दुनिया के लगभग 40 प्रतिशत टेनिस खिलाड़ी लेफ्ट हैंडर हैं।
  • बॉक्सिंग में भी लेफ्ट हैंडर्स को बढ़त मिलती है क्योंकि विरोधी खिलाड़ी अक्सर दाएं हाथ की रणनीति पर अभ्यास करते हैं।
  • राफेल नडाल जैसे खिलाड़ी ने इस फायदे को समझकर लेफ्ट हैंड से खेलने की कला सीखी और इसे अपने खेल में हथियार बना लिया।

सफल लेफ्ट हैंडर्स के नाम

दुनिया के कई मशहूर लोग लेफ्ट हैंडर रहे हैं।

  • अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा
  • बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन
  • उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल
  • क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर (लिखने में लेफ्ट हैंडर, खेल में राइट हैंडर)

इन नामों से साफ होता है कि लेफ्ट हैंडर होना किसी भी तरह से कमी नहीं है बल्कि यह कई बार विशेषता बन जाता है।


लेफ्ट हैंडर्स का IQ लेवल

कई रिसर्च का दावा है कि लेफ्ट हैंडर्स का IQ लेवल दाएं हाथ से लिखने वालों से अधिक होता है।

  • इनका IQ लेवल अक्सर 140 से ऊपर पाया गया है।
  • इन्हें अधिक संवेदनशील और रचनात्मक माना जाता है।
  • ये तेजी से बदलती ध्वनियों को आसानी से समझ पाते हैं।

हालांकि यह भी सच है कि रोजमर्रा के कामों में इन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।


लेफ्ट हैंडर्स की समस्याएं

  • कैची का डिज़ाइन राइट हैंडर्स के लिए होता है, इसलिए लेफ्ट हैंडर्स को मुश्किल होती है।
  • कंप्यूटर का माउस दाईं ओर रहता है, इन्हें इसे बार-बार एडजस्ट करना पड़ता है।
  • कीबोर्ड की बनावट भी दाएं हाथ को ध्यान में रखकर की जाती है।
  • गिटार जैसे वाद्ययंत्र बजाने में भी परेशानी आती है।

दोनों हाथ से काम करने वाले लोग

कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो दोनों हाथ से काम कर सकते हैं। इन्हें क्रॉस वायर्ड कहा जाता है। यह क्षमता बेहद दुर्लभ होती है और इन लोगों को कई क्षेत्रों में बढ़त मिलती है।


लेफ्ट हैंडर्स क्यों होते हैं: विज्ञान का नजरिया

1. आदिमानव और निएंडरथल से जुड़ाव

शोधकर्ताओं ने निएंडरथल मानव के दांतों का अध्ययन किया। निष्कर्ष यह रहा कि उनमें भी दाएं और बाएं हाथ का अनुपात आज जैसा ही था, यानी 10 में से 1 व्यक्ति बाएं हाथ का प्रयोग करता था।

2. दिमाग की भूमिका

  • दिमाग का बायां हिस्सा शरीर के दाएं भाग को नियंत्रित करता है।
  • दिमाग का दायां हिस्सा शरीर के बाएं भाग को नियंत्रित करता है।
  • अधिकांश लोगों में बायां दिमाग ज्यादा सक्रिय होता है, इसलिए वे दाएं हाथ का उपयोग करते हैं।
  • लेफ्ट हैंडर्स में दायां दिमाग ज्यादा सक्रिय होता है, जिससे वे बाएं हाथ का प्रयोग करते हैं।

साइकोलॉजी के अनुसार,

  • लेफ्ट ब्रेन व्यक्ति एनालिटिकल, लॉजिकल और फैक्ट-ओरिएंटेड होते हैं।
  • राइट ब्रेन व्यक्ति ज्यादा क्रिएटिव और आर्टिस्टिक सोच रखते हैं।

3. जीन और अनुवांशिकता

  • वैज्ञानिक मानते हैं कि यह पूरी तरह जीन पर निर्भर करता है।
  • अगर माता-पिता लेफ्ट हैंडर हैं तो संतान में भी यह संभावना बढ़ जाती है।
  • जीन में होने वाले म्यूटेशन के कारण व्यक्ति किसी एक हाथ को प्राथमिकता देने लगता है।

4. गर्भ में बच्चों पर रिसर्च

अल्ट्रासाउंड स्टडी से पाया गया कि

  • 10 में से 9 भ्रूण दाएं अंगूठे को चूसते हैं।
  • 1 भ्रूण बाएं अंगूठे को चूसता है।
    बाद में यही बच्चे बड़े होकर उसी हाथ को प्राथमिकता देने लगे।

5. पुरुषों में अधिक लेफ्ट हैंडर्स क्यों

  • पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर अधिक होता है।
  • कई रिसर्च के अनुसार, पुरुषों में बाएं हाथ की नसें सीधे हृदय से जुड़ी होती हैं।
  • यही कारण है कि पुरुषों में लेफ्ट हैंडर्स की संख्या महिलाओं से अधिक है।

लेफ्ट हैंडर्स के फायदे

  • बेहतर मल्टीटास्किंग क्षमता
  • क्रिएटिव सोच और आर्टिस्टिक दृष्टिकोण
  • खेलों में रणनीतिक बढ़त
  • जटिल परिस्थितियों में अलग सोच अपनाने की क्षमता

लेफ्ट हैंडर्स की चुनौतियां

  • रोजमर्रा की चीजों का डिजाइन राइट हैंडर्स के लिए बना होता है।
  • समाज में अब भी कई जगह इन्हें गलत नजर से देखा जाता है।
  • पढ़ाई या तकनीकी उपकरणों में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

विज्ञान अभी भी खोज में

अब तक कई रिसर्च ने अलग-अलग कारण बताए हैं।

  • कुछ इसे दिमाग से जोड़ते हैं।
  • कुछ इसे जीन से जोड़ते हैं।
  • कुछ हार्मोनल बदलाव को जिम्मेदार मानते हैं।

लेकिन अब भी यह सवाल पूरी तरह हल नहीं हुआ है कि कोई व्यक्ति दाएं हाथ का होगा या बाएं हाथ का। रिसर्च जारी है और वैज्ञानिक DNA के उस हिस्से को खोजने की कोशिश कर रहे हैं जो इस निर्णय को प्रभावित करता है।


अंत में कुछ और बाते

लेफ्ट हैंडर होना कोई कमी नहीं बल्कि इंसान के शरीर और दिमाग की प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है। यह बात साबित हो चुकी है कि लेफ्ट हैंडर्स भी राइट हैंडर्स की तरह सफल, बुद्धिमान और रचनात्मक हो सकते हैं। समाज को इन्हें अलग नजर से देखने की बजाय इनके गुणों को समझना चाहिए।

तो अगली बार जब आप किसी लेफ्ट हैंडर से मिलें, तो यह मानकर चलें कि यह भी प्रकृति की एक खास रचना है।

भारत और अमेरिका के बीच कॉर्न विवाद

 

प्रधानमंत्री मोदी की पाँच राज्यों की यात्रा और नई विकास योजनाएँ

GST 2.0 के बदलाव और असर

क्या है ये नाटो के Article’s आईए जानते है

NATO का Article 4 हुआ लागू

नेपाल में संसद और सुप्रीम कोर्ट जलाए गए


static study