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क्यों लिया विराट ने सन्यास

क्यों लिया विराट ने सन्यास

 kyo liya Virat ne sanyas क्यों  लिया विराट ने सन्यास ;-

kyo liya Virat ne cricket se sanyas मित्रों क्रिकेट लवर्स के लिए बहुत ही दुखद खबर आ  रही है, मित्रों विराट कोहली ने लिया है

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 kyo liya Virat ne sanyas क्यों  लिया विराट ने सन्यास ;-

क्रिकेट से अलविदा आईए जानते कारण क्या  है इसके पीछे  का सच

विराट कोहली: एक युग का अंत, एक इतिहास की शुरुआत

कुछ खिलाड़ी सिर्फ खेलते हैं, कुछ इतिहास रचते हैं। लेकिन कुछ ऐसे विरले होते हैं

जो खेल की परिभाषा को ही बदल देते हैं। क्रिकेट की दुनिया में विराट कोहली ऐसा ही नाम है।

आज जब वो इंटरनेशनल टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं, तो मैदान खाली-खाली सा लगता है।

स्टेडियम की वो “कोहली-कोहली” की गूंज अब नॉस्टेल्जिया बन चुकी है।

एक युग का समापन

जब विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर को अलविदा कहा, तो मानो क्रिकेट का एक सुनहरा अध्याय खत्म हो गया।

क्रिकेट अब भी खेला जाएगा, रन बनेंगे, रिकॉर्ड टूटेंगे — लेकिन वो जोश, वो आक्रोश,

वो विराट वाली दहाड़ अब सिर्फ यादों में बाकी रह जाएगी।

विराट कोहली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं थे, वो जुनून का नाम थे। उनके आने से हर बच्चे को लगा

कि वह भी “विराट” बन सकता है। जब उन्होंने क्रिकेट की शुरुआत की, तब आलोचना झेली, संजय मांजरेकर

जैसे लोगों ने सार्वजनिक रूप से उनके टैलेंट पर सवाल उठाए। लेकिन वही संजय आज उनकी तारीफ करते नहीं थकते।

कहानी संघर्ष की, जुनून की, और पराक्रम की

विराट कोहली की यात्रा आसान नहीं थी। पिता की असमय मृत्यु, फिटनेस पर सवाल, एटीट्यूड पर बहस

— लेकिन उन्होंने खुद को बदला, निखारा, और एक नई ऊंचाई तक पहुंचाया। मैदान पर उनका आत्मविश्वास,

पिच पर उनकी आक्रामकता, और हर गेंद पर जीतने की चाह ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग कर दिया।

क्रिकेट का कद बड़ा कर दिया

आमतौर पर खेल खिलाड़ी को बड़ा बनाता है, लेकिन विराट ने क्रिकेट को बड़ा कर दिया। टेस्ट क्रिकेट को फिर से जीवित किया।

21वीं सदी में, जब T20 का बोलबाला था, विराट कोहली ने सफेद जर्सी को ट्रेंड बना दिया।

उन्होंने युवा पीढ़ी को बताया कि टेस्ट क्रिकेट भी ग्लैमरस हो सकता है।

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को दो बार उसी की ज़मीन पर हराया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड

में भी ऐतिहासिक जीत दिलाई। अफसोस बस इतना है कि 36 की उम्र में ही उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया,

जब वो तेंदुलकर, द्रविड़ और लक्ष्मण की तुलना में कहीं अधिक फिट थे।

रिकॉर्ड्स जो विराट कोहली को अमर बनाते हैं

विराट कोहली के नाम एक से बढ़कर एक रिकॉर्ड दर्ज हैं:

  • 123 टेस्ट में 9,230 रन, 30 शतक, 7 दोहरे शतक
  • 68 टेस्ट में कप्तानी, जिनमें 40 जीत
  • पांच साल तक ICC टेस्ट रैंकिंग में भारत नंबर 1
  • 200+ रन की सबसे ज्यादा पारियां (7 बार) एक भारतीय कप्तान के तौर पर
  • ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाले पहले एशियन कप्तान
  • तीन बार डबल सेंचुरी एक ही साल में – एकमात्र खिलाड़ी
  • टेस्ट, ODI और T20 में लंबे समय तक नंबर 1 रहने वाले खिलाड़ी

…और ऐसे दर्जनों रिकॉर्ड्स जिनसे इतिहास लिखा गया।

कोहली को स्टैटिक स्टडी की तरफ से एक सादगी भरा अलविदा

सबसे बड़ी तकलीफ़ की बात यह रही कि विराट कोहली को भी एक भव्य विदाई नहीं मिली।

ना आख़िरी मैच, ना दर्शकों की गूंज, ना स्टेडियम में विदाई का शोर। जब सचिन तेंदुलकर रिटायर हुए थे,

पूरा देश खड़ा हुआ था। पर कोहली, धोनी, रोहित और लक्ष्मण जैसे खिलाड़ी चुपचाप विदा हो गए।

विराट कोहली की विदाई ने क्रिकेट के दिल से उसकी धड़कन छीन ली। जब वो क्रीज पर होते थे

तो लगता था – कोहली है, कुछ भी हो सकता है।

विराट की विरासत 

विराट कोहली ने सिर्फ रन नहीं बनाए, उन्होंने भरोसा जगाया। उनके कवर ड्राइव्स सिर्फ शॉट्स नहीं थे

– वो कविता थीं। उनके जश्न सिर्फ उत्सव नहीं थे – वो भारत की जीत की गर्जना थी।

आज जब वो नहीं हैं, तो एक खालीपन रह गया है। लेकिन उनकी विरासत अमर है।

उन्होंने हमें सिखाया कि हार मानना गुनाह है, आत्म-सम्मान सबसे बड़ी जीत है।

शब्दों से परे धन्यवाद- स्टैटिक स्टडी डेवलपर्स की तरफ से –

क्रिकेट अब भी आगे बढ़ेगा, लेकिन कोहली जैसा जुनून शायद ही फिर दिखे।

वो 18 नंबर की जर्सी अब मैदान पर नहीं दिखेगी, लेकिन करोड़ों दिलों में धड़कती रहेगी।

थैंक यू विराट कोहली स्टैटिक स्टडी की ओर से –

तुमने हमें जीना सिखाया, तुमने हमें लड़ना सिखाया। तुमने दिखाया कि मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास से कोई भी विराट बन सकता है।
क्रिकेट अब वही नहीं रहा, क्योंकि उसका धड़कता दिल अब मैदान पर नहीं उतरता।

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