
Cold Wave in India
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मौसम का ‘डबल अटैक’: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड से स्कूल बंद, तो दक्षिण में बेमौसम बारिश ने बढ़ाई मुसीबत
दिनांक: 10 जनवरी, 2026A significant cold wave in India has been making headlines, impacting daily life across the country.
भारत अपनी भौगोलिक विविधता के लिए जाना जाता है, लेकिन इन दिनों मौसम का जो रूप देखने को मिल रहा है, वह वाकई हैरान करने वाला है। जनवरी का महीना आमतौर पर पूरे देश में सर्दियों का पर्याय होता है, लेकिन इस समय देश के दो हिस्से मौसम के दो बिल्कुल अलग-अलग और चरम रूपों का सामना कर रहे हैं।
एक तरफ जहां उत्तर भारत और राजधानी दिल्ली में हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु का तटीय इलाका, जनवरी में भारी और बेमौसम बारिश से जूझ रहा है। कुदरत का यह विरोधाभासी खेल चिंता का विषय भी है और सावधानी बरतने का संकेत भी। Cold wave in India के इस शीतलहर और मौसमी बदलाव ने सबको चौंका दिया है।
आइए विस्तार से जानते हैं देश के इन दो हिस्सों में मौसम के मौजूदा हालात। अब तक जो देखा गया है वह भारत में ठंड और बारिश को लेकर अप्रत्याशित है। The ongoing cold wave in India continues to surprise weather experts.
उत्तर भारत: रजाई में दुबकी दिल्ली, स्कूलों की छुट्टियां बढ़ीं
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में नए साल की शुरुआत के साथ ही ठंड ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया था। आज, 10 जनवरी को भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। Delhi and other regions are affected by the cold wave in India. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम हो जाती है कि सड़क पर वाहन चलाना किसी जोखिम से कम नहीं है। यह ‘कोल्ड वेव’ (शीतलहर) हड्डियों तक को कंपा रही है।
दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: 15 जनवरी तक स्कूल बंद
इस कड़ाके की ठंड का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा था। सुबह-सुबह घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के बीच बच्चों का स्कूल जाना अभिभावकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ था। इसी को देखते हुए, प्रशासन ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है।
Delhi schools are closed until January 15 due to the cold wave in India. दिल्ली में बढ़ते शीत लहर के प्रकोप को देखते हुए, सरकार ने सभी स्कूलों को 15 जनवरी, 2026 तक बंद रखने का आदेश दिया है। यह फैसला नर्सरी से लेकर बारहवीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा सबसे पहले आती है। इतनी ठंड में बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बहुत ज्यादा था। इस फैसले से लाखों अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि अगर मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो इस तारीख को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। तब तक, बच्चों के लिए घर पर ही ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प खुला रखा गया है।
लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं और दिन भर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक इस भीषण ठंड से राहत मिलने के आसार कम ही हैं।
मौसम की ताज़ा जानकारी के लिए, आप भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
दक्षिण भारत: चेन्नई में ‘जनवरी की बरसात’ ने किया हैरान
अब जरा रुख करते हैं दक्षिण भारत का। जहां उत्तर भारत ठंड से ठिठुर रहा है, वहीं तमिलनाडु के तटीय इलाकों, खासकर चेन्नई और उसके आसपास के जिलों में मौसम का मिजाज बिल्कुल उल्टा है। यहां जनवरी में आमतौर पर मौसम सुहावना और हल्का गर्म रहता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने सबको चौंका दिया है। This unexpected weather shift is part of the ongoing cold wave in India.
7 Day Weather Forecast भारत का मौसम अक्टूबर 2025 का पूर्वानुमान
बंगाल की खाड़ी में हलचल का असर
इस बेमौसम और भारी बारिश का कारण बंगाल की खाड़ी में बना एक गहरा दबाव
(Deep Depression) का क्षेत्र है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस सिस्टम के कारण
नमी से भरी हवाएं तटीय तमिलनाडु से टकरा रही हैं, जिससे मूसलाधार बारिश हो रही है,
जो भारत में शीतलहर और भारी वर्षा से जुड़ी है।
चेन्नई के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है,
जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई है
और लोगों को अपने दफ्तरों या जरूरी कामों के लिए बाहर निकलने में भारी दिक्कतों
का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इस बारिश से तापमान में गिरावट जरूर आई है,
जिससे गर्मी से राहत मिली है, लेकिन जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं।
प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए अपनी टीमों को अलर्ट पर रखा है।
स्थानीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने
का काम युद्धस्तर पर किया जाए ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।
Experts are closely monitoring the impact of the cold wave in India on regional weather patterns.
निष्कर्ष: सावधानी ही सुरक्षा है
मौसम के ये दो चरम रूप हमें यह याद दिलाते हैं कि प्रकृति कितनी अप्रत्याशित हो सकती है।
जलवायु परिवर्तन के दौर में ऐसी अजीबोगरीब मौसमी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं।
इस तरह की शीतलहरें और बारिश ने भारत में मौसमी विविधता को हम सभी के सामने ला खड़ा किया है।
चाहे आप उत्तर भारत की कंपा देने वाली ठंड में हों या दक्षिण भारत की अप्रत्याशित बारिश में,
सावधानी बरतना सबसे जरूरी है। उत्तर भारत के लोग गर्म कपड़े पहनें, बिना वजह बाहर
निकलने से बचें और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें। वहीं, दक्षिण भारत के बारिश प्रभावित
इलाकों के लोग जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
हमारी न्यूज़ साइट आपसे अपील करती है कि मौसम के बदलते मिजाज पर नज़र रखें और
सुरक्षित रहें। Keep informed about the cold wave developments in India through reliable news sources.
आपदा प्रबंधन से जुड़ी जानकारियों के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की वेबसाइट पर विजिट करें।






