छोटी दीपावली 2025: देशवासियों को शुभकामनाएं, महत्व, समय और पौराणिक कथाएं
आज पूरे देश में छोटी दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर हम सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देते हैं। दीपावली से एक दिन पहले मनाया जाने वाला यह पर्व धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे नरक चतुर्दशी, काली चौदस और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!छोटी दीपावली का महत्व
- यह दिन मुख्य दीपावली से ठीक एक दिन पहले आता है।
- धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था और दुनिया को उसके अत्याचार से मुक्त कराया।
- इसी कारण इसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं।
- इस दिन स्नान, दान और दीपदान का विशेष महत्व होता है।
- लोग मानते हैं कि इस दिन सुबह स्नान करने से पाप नष्ट होते हैं और शरीर-मन पवित्र होता है।
छोटी दीपावली का समय 2025 में
- तिथि: कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी
- तारीख: 19 अक्टूबर 2025 (रविवार)
- अभ्यंग स्नान मुहूर्त: प्रातः 4:45 से 6:15 बजे तक
- दीपदान का समय: संध्या 5:45 से 7:15 बजे तक
पौराणिक कथाएं
- नरकासुर वध
पौराणिक कथा के अनुसार नरकासुर नामक राक्षस ने देवताओं और ऋषियों को आतंकित किया था। उसने 16,000 कन्याओं को भी कैद कर लिया था। भगवान श्रीकृष्ण ने इस दिन उसका वध कर उन्हें मुक्त कराया। उसी के उपलक्ष्य में छोटी दीपावली मनाई जाती है। - यमराज की पूजा
मान्यता है कि इस दिन यमराज की पूजा करने और दीपदान करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। लोग अपने घरों के बाहर दीपक जलाते हैं ताकि मृत्यु के देवता प्रसन्न हों और परिवार पर कोई संकट न आए। - रूप चौदस की परंपरा
छोटी दीपावली को रूप चौदस भी कहते हैं। मान्यता है कि इस दिन उबटन और स्नान करने से रूप और सौंदर्य में वृद्धि होती है। महिलाएं विशेष रूप से इस परंपरा को निभाती हैं।
छोटी दीपावली और लोक परंपराएं
- सुबह जल्दी उठकर तेल स्नान और उबटन लगाने की परंपरा है।
- घर की साफ-सफाई और सजावट इस दिन भी जारी रहती है।
- लोग अपने घर के द्वार और आंगन में दीपक जलाते हैं।
- बच्चे आतिशबाजी और फुलझड़ियों का आनंद लेते हैं।
- कई जगहों पर इस दिन यमदीपदान किया जाता है, जिसमें घर के बाहर दक्षिण दिशा में दीपक रखा जाता है।
सांस्कृतिक दृष्टि से महत्व
- छोटी दीपावली केवल धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी है।
- लोग रिश्तेदारों और मित्रों के घर मिठाइयां भेजते हैं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में इस दिन विशेष लोकगीत और भजन गाए जाते हैं।
- यह पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है।
छोटी दीपावली और स्वास्थ्य परंपराएं
- तेल से मालिश और उबटन लगाने से शरीर स्वस्थ और त्वचा चमकदार होती है।
- प्राचीन ग्रंथों में अभ्यंग स्नान को रोगनाशक और आयु वृद्धि करने वाला बताया गया है।
- दीपक से निकलने वाला प्रकाश वातावरण को शुद्ध करता है और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
आधुनिक समय में छोटी दीपावली
- पहले जहां यह पर्व केवल धार्मिक भावनाओं से जुड़ा था, वहीं आज इसे सामाजिक और पारिवारिक मिलन का अवसर माना जाता है।
- लोग इस दिन छोटे स्तर पर पटाखे चलाकर त्योहार का आनंद लेते हैं।
- सोशल मीडिया के दौर में लोग एक-दूसरे को संदेश और शुभकामनाएं भेजते हैं।
छोटी दीपावली 2025 पर शुभकामना संदेश
- “छोटी दीपावली पर आपके जीवन से हर अंधकार दूर हो, खुशियां आपके घर आएं।”
- “नरक चतुर्दशी के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार को ढेरों शुभकामनाएं।”
- “रूप चौदस पर आपका जीवन सौंदर्य और समृद्धि से भर जाए।”
छोटी दीपावली पर क्या करें और क्या न करें
करें
- सूर्योदय से पहले स्नान करें।
- घर के बाहर दीपक अवश्य जलाएं।
- यमराज और भगवान कृष्ण की पूजा करें।
- दान और सेवा कार्य करें।
न करें
- इस दिन झगड़ा या कलह न करें।
- नशे का सेवन न करें।
- अंधविश्वास में पड़कर जानवरों या पक्षियों को कष्ट न दें।
From Static Study-
छोटी दीपावली धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहार है। यह हमें बुराई पर अच्छाई की जीत और परिवार, समाज तथा रिश्तों को मजबूत करने का संदेश देता है। आप सभी को इस छोटी दीपावली 2025 की हार्दिक शुभकामनाएं।
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