भारत में जलवायु परिवर्तन के भयावह असर बहुत ही जल्दी देखने को मिल सकते हैं। हाल ही में, भारतीय महासागर में चक्रवात के घटनाओं में वृद्धि हो रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्योंकि भूमध्य रेखा के पास तीन भयानक चक्रवात अपना रूप ले चुके हैं।
चक्रवात CYCLON IN INDIAN OCEAN के परिणामस्वरूप भारत,
आसियान देशों तथा जापान के पड़ोसी देशों में तबाही मचाने का अलार्म दे रहे हैं। इन चक्रवातों का उत्पत्ति
स्थान और प्रभाव विशेष रूप से CYCLON IN INDIAN OCEAN पर निर्भर करता है।
विषुवत वृत्त पर क्यों नहीं बनते हैं -साइक्लोन
सामान्य नियम कहता है कि 0 से 5 ड्रीग्री लैटीट्यूड मे साइक्लोन नहीं बनते। यहा कोरिऑलिस फोर्स बहुत कमजोर होता है।
कोरियोलिस बल पृथ्वी के घूमने से पैदा होता है। यह हवा को घूमने मे मदद करता है।
और बिना वायु के घुमाव के चक्रवात कभी नहीं बन सकता। समुद्र चाहे जितना भी गर्म हो लेकिन बिना कोरिऑलिस
बल के साइक्लोन नहीं उठता। जब एक्वेटर पर हवा ऊपर उठती है, तथा हवा मे घुमाव नहीं होता है,
तो इससे सिस्टम विकसित होने से पहले ही टूट जाता है। यह चक्रवात बहुत दुर्लभ होते हैं।
CYCLON IN INDIAN OCEAN के अध्ययन से इस प्रक्रिया की गहराई समझ सकते हैं।
यह चक्रवात कैसे बना ?
इन तीन चक्रवातों के बनने के तीन मुख्य फैक्टर हैं । यह CYCLON IN INDIAN OCEAN के अध्ययन से भी स्पष्ट होता है।
मैडन जूलियन ऑसिलेशन यानि MJO विश्व के मौसम को प्रभावित करता है ।
भारत पर मंडराता खतरा: Indian Ocean में Cyclone और जलवायु परिवर्तन
भारत में जलवायु परिवर्तन के गंभीर असर बहुत जल्दी दिख सकते हैं। भूमध्य रेखा के पास Indian Ocean में तीन खतरनाक चक्रवात आकार ले चुके हैं। ये चक्रवात भारत, आसियान देशों और जापान के पड़ोसी क्षेत्रों के लिए खतरे की घंटी हैं। इन चक्रवातों की उत्पत्ति, दिशा और ताकत काफी हद तक CYCLON IN INDIAN OCEAN की गतिविधियों पर निर्भर करती है। जैसे जैसे समुद्र का तापमान बढ़ रहा है, वैसे वैसे ऐसे असामान्य चक्रवातों की संभावना भी बढ़ रही है।
विषुवत वृत्त पर क्यों नहीं बनते Cyclone
सामान्य भौगोलिक नियम के अनुसार 0 से 5 डिग्री अक्षांश पर चक्रवात लगभग नहीं बनते। इस क्षेत्र में कोरियोलिस बल बहुत कमजोर होता है। कोरियोलिस बल पृथ्वी के घूर्णन से उत्पन्न होता है और हवा को घुमाव देता है। बिना घुमाव के चक्रवात का विकास असंभव होता है।
समुद्र कितना भी गर्म हो, लेकिन यदि कोरियोलिस बल कमजोर है,
तो हवा ऊपर तो उठती है, पर सिस्टम संगठित नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप, बादलों का समूह टूट जाता है और चक्रवात बनने से पहले ही खत्म हो जाता है। इस कारण विषुवत रेखा के बहुत पास बनने वाले चक्रवात बेहद दुर्लभ माने जाते हैं। हाल के वर्षों में CYCLON IN INDIAN OCEAN के अध्ययन से यह संकेत मिलता है कि जलवायु परिवर्तन के कारण पारंपरिक नियमों में सूक्ष्म बदलाव दिख रहे हैं,
जो मौसम विज्ञानियों के लिए चिंता का विषय है।
ये तीन चक्रवात कैसे बने
Indian Ocean क्षेत्र में बने इन तीनों चक्रवातों के पीछे कुछ मुख्य कारकों की भूमिका है। वैज्ञानिक विश्लेषण और CYCLON IN INDIAN OCEAN पर हुए अध्ययनों के अनुसार मुख्य तीन कारण हैं।
- मजबूत मैडन जूलियन ऑसिलेशन (MJO)
- एक्वेटोरियल वेव्स
- उच्च समुद्री सतह तापमान
मैडन जूलियन ऑसिलेशन (MJO)
MJO उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बादलों और वर्षा के बड़े पैमाने पर बनने, बढ़ने और आगे बढ़ने की प्रक्रिया को दर्शाता है। जब MJO की सक्रिय फेज Indian Ocean पर होती है, तो यह ऊर्ध्वाधर वायु संचलन को बढ़ाती है, जिससे चक्रवाती सिस्टम बनने की संभावना अधिक हो जाती है।
एक्वेटोरियल वेव्स और बढ़ता समुद्री तापमान
एक्वेटोरियल वेव्स, विषुवत रेखा के आसपास चलने वाली विशेष प्रकार की तरंगें होती हैं। ये नमी और ऊर्जा को एक जगह इकट्ठा कर सकती हैं, जो चक्रवात बनने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती हैं अगर इसी समय समुद्री सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो, तो समुद्र से वायुमंडल में अधिक गर्मी और नमी पहुंचती है, जो चक्रवात की ताकत बढ़ा सकती है।
भारत और एशिया के लिए खतरे की घंटी
Indian Ocean में इस तरह की तीव्र गतिविधि भारत के तटीय राज्यों के लिए गंभीर चेतावनी है। तेज हवाएं, अत्यधिक वर्षा, तूफानी लहरें और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
कृषि, मत्स्य पालन, तटीय शहर और बंदरगाह जैसे क्षेत्र सीधा प्रभावित हो सकते हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र का तापमान लगातार बढ़ रहा है। यदि यह ट्रेंड जारी रहा, तो CYCLON IN INDIAN OCEAN की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं, जिसका दीर्घकालिक असर भारत की अर्थव्यवस्था और लोगों की सुरक्षा पर पड़ेगा।
आपको क्या करना चाहिए
- सरकारी मौसम अलर्ट और एडवाइजरी पर नियमित नजर रखें।
- तटीय क्षेत्रों में रहने पर निकासी योजना पहले से तैयार रखें।
- घरों और दुकानों को तेज हवाओं के लिए सुरक्षित करने की कोशिश करें।
- बीमा, दस्तावेज और जरूरी सामान सुरक्षित स्थान पर रखें।
चक्रवातों और मौसम अलर्ट की आधिकारिक जानकारी के लिए
आप भारतीय मौसम विभाग की वेबसाइट पर जा सकते हैं
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD)
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