भारत के डैम उड़ाने को लेकर पाकिस्तान ने दी धमकी: रक्षा मंत्री ने दी ‘पहले हमला’ करने की धमकी
इस्लामाबाद/नई दिल्ली:
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भारत के डैम प्रोजेक्ट्स पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में एक विवादास्पद बयान देकर नई बहस को जन्म दे दिया है।
उन्होंने मीडिया के सामने खुले तौर पर कहा कि अगर भारत ने इंदस नदी पर कोई भी डैम,
हाइड्रो प्रोजेक्ट, या स्ट्रक्चर बनाने की कोशिश की, तो पाकिस्तान उस पर हमला करेगा — चाहे वह सैन्य स्ट्राइक हो या अन्य तरीका।
रक्षा मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि यह हमला भारत की ओर से “आक्रामकता” माना जाएगा,
और पाकिस्तान इसे जंग की शुरुआत समझेगा। ख्वाजा आसिफ ने यह भी जोड़ा कि यदि भारत ने पानी
रोकने की कोशिश की, तो पाकिस्तान में भुखमरी और प्यास से त्राहिमाम मच सकता है,
इसलिए वह भारत के किसी भी ऐसे प्रयास को रोकने के लिए ‘पहला प्रहार’ भी कर सकता है।
क्या है भारत की योजना?
भारत ने इंदस वॉटर ट्रीटी को आंशिक रूप से सस्पेंड कर दिया है, जिसके तहत 1960 से पाकिस्तान
को तीन प्रमुख नदियों — इंदस, झेलम और चेनाब — का जल मिलता था। हालांकि भारत अभी इंदस
नदी पर किसी बड़े डैम का निर्माण नहीं कर रहा, लेकिन झेलम और चेनाब पर कई हाइड्रोपावर
प्रोजेक्ट्स जैसे बागलीहार और किशनगंगा पहले ही सक्रिय हैं।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने बागलीहार डैम से पाकिस्तान की ओर जाने वाले जल प्रवाह को
आंशिक रूप से कम कर दिया है। इससे पाकिस्तान की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं।
भारत की प्रतिक्रिया क्या हो सकती है?
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान की इस आक्रामक भाषा और संभावित हमले की चेतावनी के
जवाब में भारत को एक स्पष्ट रणनीति अपनानी होगी। इसमें शामिल हो सकते हैं:
- सख्त सैन्य नीति: यदि भारत के किसी डैम या जल-संरचना पर हमला होता है,
- तो उसे एक युद्ध घोषणा समझा जाए।
- मिसाइल डिफेंस सिस्टम: कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में मिसाइल
- शील्ड स्थापित करनी होगी ताकि किसी प्रकार की एयर स्ट्राइक या ड्रोन अटैक से रक्षा हो सके।
- हाइड्रोपावर सुरक्षा: आने वाले वर्षों में जल संकट बढ़ने की आशंका को देखते हुए,
- भारत को जल भंडारण और वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाना होगा।
भविष्य की जरूरतें और रणनीति
भारत की जनसंख्या 160 करोड़ के करीब पहुंचने की संभावना है, और जल संसाधनों की मांग दिन-ब-दिन बढ़ रही है।
ऐसे में रिवर डाइवर्जन और मल्टी-परपज डैम्स की आवश्यकता भी बढ़ेगी,
जिससे न केवल बिजली उत्पादन होगा बल्कि कृषि और शहरी जलापूर्ति में भी मदद मिलेगी।
भारत के डैम प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान की सख्त चेतावनी:
रक्षा मंत्री ने दी ‘पहले हमला’ करने की धमकी
कुछ खास बातें –
पानी को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव कोई नया विषय नहीं है,
लेकिन अब यह बहस केवल कूटनीति तक सीमित नहीं रही। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का यह
बयान कि “अगर ज़रूरत पड़ी तो पहला हमला पाकिस्तान करेगा”, एक खतरनाक मोड़ की ओर इशारा करता है।
अब भारत के लिए यह ज़रूरी हो गया है कि वह डैम्स की सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों
पर भी अपनी स्थिति को मजबूती से पेश करे और आने वाले जल युद्ध की आशंकाओं के लिए तैयार रहे








